एनर्जी बूस्टर से जुड़े मिथ

कई लोगों की ऐसी मान्यता है की डिटॉक्स आपके शरीर में ऊर्जा बढ़ाने में मदद करते है और सुपरफूड थकान दूर करते है। लेकिन कई वैज्ञानिक इन मान्यताओं को मानने से नकारते है। आज हम आपको एनर्जी बूस्टर से जुड़े कुछ मिथ और फैक्ट्स के बारे में बताएंगे।

1.मिथ: हमेशा थकावट रहती है तो ले अधिक विटामिन
विटामिन बी या आयरन को ऊर्जा में वृद्धि के लिए इस्तेमाल किया जाता है। विटामिन बी या आयरन की कमी कमजोरी का कारण बन सकती है, लेकिन सही खान-पान के माध्यम से शरीर में इन दोनों की पूर्ति हो जाती है। इसलिए आमतौर पर अलग से विटामिन लेने की जरूरत नहीं होती है।

2.मिथ: ज्यादा फाइबर लेना चाहिए
हां ये बात सच है कि कब्ज में उच्च फाइबर वाले आहार की सलाह दी जाती है। लेकिन अनाज के अधिक सेवन से कब्ज की समस्या ज्यादा हो सकती है। अघुलनशील फाइबर जैसे आयरन कुछ खनिज तत्वों के अवशोषण में रुकावट डाल सकता है। सामान्यतः ऐसे में फलों और सब्जियों में पाए जाने वाले घुलनशील फाइबर लेना फायदेमंद होता है। विशेषतौर पर सूखे फल |

3.मिथ: विटामिन और मिनरल सप्लिमेंट्स तनाव दूर करने में मदद करते हैं
विटामिन सी ऑक्सिडेटिव तनाव को प्रभावित करता है लेकिन दैनिक तनाव में इसकी भूमिका को लेकर अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। केवल अत्यधिक तनाव, जैसे गंभीर बीमारी या शल्य चिकित्सा में अतिरिक्त विटामिन मदद कर सकता है।

4.मिथ: सभी एनर्जी बूस्टर का शरीर पर एक जैसा प्रभाव होता है
ऐसा नहीं है, अलग-अलग तरह के एनर्जी बूस्टर में अलग-अलग गुण व तत्व मौजूद होते हैं। किसी में कैफीन की मात्रा अलग होती है तो किसी में शुगर की। इन सभी का शरीर पर प्रभाव भी इनकी क्वालिटी पर निर्भर करता है।