कैसे रखें शरीर को लचीला

जैसे जैसे हम औद्योगीकरण की तरफ बढ़ रहें हैं वैसे ही हम ज्यादातर मशीनों के ऊपर निर्भर होते जा रहे हैं। घंटों एक जगह बैठ कर काम करना, कुछ भी खा लेना और इतना व्यस्त हो जाना कि अपने लिए भी समय ना निकाल पाना और इसकी वजह से हमे कई बिमारियों के होने की आशंका रहती है और लचीलापण कम होता रहता है ।अगर आपके शरीर में लचीलापन नहीं होगा, तो चलने-फिरने, उठने-बैठने जैसे छोटे-छोटे कामों में भी आपको कई परेशानियां आएंगी। आपके शरीर में जितना ज्यादा लचीलापन होगा, आप उतने ही ज्यादा फुर्तीले और जोशीले होंगे। इस लेख के द्वारा हम आपको कुछ ऐसे योगासन और व्यायाम बताएंगे जिससे आप अपने शरीर में लचीलापन ला सकते हैं।

वॉर्म अप

सुबह उठ कर सबसे पहले थोड़ा वार्मअप कर लें जिससे मासपेशियां रिलैक्‍स हो जाएं और आपका ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा होता है।

स्ट्रेचिंग

अपनी रोजाना की आदतों में बॉडी को स्‍ट्रेच करने की आदत डाल लें। यह आदत शरीर को ऊर्जा प्रदान करेगी और आपको लचीला बनाएगी। सुबह के समय बिस्‍तर पर किया गया बॉडी स्‍ट्रेच फायदेमंद होता है। सोने से पहले 5 से 8 मिनट तक शरीर को स्ट्रेच करने से शरीर लचीला होता है |

रोलिंग तकनीक

रोलिंग तकनीक आपके शरीर को ढीला करने में मदद करती है। फोम रोलर्स तकनीक सस्ती है, इसे आप आसानी से उपयोग भी कर सकते हैं। नियमित रूप से फोम रोलर से व्‍यायाम आपको ज्‍यादा लचीला बनाने में मददगार साबित होगा।

सूर्य नमस्कार

यह एक बुनियादी, सबसे ज्यादा जाना-जाने वाला और व्यापक रूप से अभ्यास किया जाने वाला आसन है।इसमें 12 योग मुद्राओं का मिश्रण होता है, जो कि शरीर के विभिन्न भागों को केंद्रित करता है। इसकी यही खासियत इसे पूरे शरीर के लिए फायदेमंद बनाती है।

कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि शरीर को चुस्त रखने के लिए सूर्य नमस्कार एक बढ़िया तरीका है, क्योंकि यह शरीर के लगभग हर संभव अंग की कसरत करने में मदद करता है। यह कंकाल प्रणाली की सहनशक्ति बढ़ाने, तनाव और चिंताओं को दूर करने में भी सहायक है

त्रिकोणासन

यह आसन करने के लिए पैरों को फैला लें, जिसमें सीधा पैर बाहर निकाल लें। अब अपने हाथों को बाहर की ओर खोल लें और सीधे हाथ को धीरे-धीरे नीचे की तरफ सीधे पैर की ओर ले जाएं। सीधी कमर के साथ नीचे की ओर देखें।

अपनी सीधी हथेली को जमीन पर रखें  और अपने उल्टे हाथ को ऊपर की ओर ले जाएं। इसी प्रक्रिया को दूसरी साइड से भी दोहराएं। यह आसन शरीर की साइडों, हाथों और जांघों पर काम करता है।

अधोमुख शवासन

यह रीड की हड्डी को विघटित करने के साथ-साथ पूरे सतही परत को जोड़ता है और मजबूत करता है। यह टखनों की गतिशीलता में फायदा करता है और स्नायुजाल को ठीक रखता है।इस आसन से कंधे, टांगे, रीढ की हड्डी तथा पूरे शरीर में खिंचाव आता है। यह पूरे शरीर को सुदृण करता है। खासतौर से बाजू, टांगे और पैर। यह थकान दूर करता है, शरीर को तरोताजा करता है और मन को शांत करता है।