सर्दियों से जुड़े मिथ

सेहत के साथ हमेशा से बहुत सारे मिथ जुड़े होते हैं उदाहरण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को एक दिन में आठ गिलास पानी पीना चाहिए, ये एक आम मिथक है। सच्चाई यह है कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में तरलता बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कितनी मात्रा में तरल पदार्थ की जरूरत है, यह व्यक्ति के लिंग, गतिविधियों के स्तर और शारीरिक आकार पर निर्भर करता है। इसी तरह से सर्दियों के मौसम में सेहत से जुड़े कई मिथ हम सुन लेते हैं। आइए जानते हैं सर्दियों से जुड़े कुछ ऐसे ही मिथ के बारे में।

1.मिथ: सर्दियों में नहीं होता डीहाईड्रेशन

सर्दियों में लोग अक्सर पानी नहीं पीते। उन्हें लगता है कि शरीर को सर्दियों में अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती जबकि ये एक मिथ है। हमारी त्वचा और सांस में नमी की कमी का प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है। होंठ फटना और त्वचा में शुष्कता कम तरलता के ही लक्षण हैं। इसीलिए घर के अंदर काम कर रहे हों या सर्दी में बाहर हों, पानी की कमी के दुष्प्रभाव से बचने के लिए अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए।

2.मिथ: एल्कोहल के सेवन से गर्मी आती है

लोग सर्दियों में एल्कोहल का सेवन ये सोचकर अधिक करने लग जाते हैं कि इससे उन्हें गर्माहट मिलेगी। एल्कोहल के सेवन से शरीर में गर्माहट और आराम महसूस होता तो है लेकिन वो इस वजह से क्योंकि इसकी वजह से आपका खून आपके आंतरिक अंगों से निकलकर बाहर त्वचा की ओर आता है। इसका मतलब है कि आपके शरीर का मूल तापमान कम होता है। एल्कोहल आपके शरीर की कांपने और अतिरिक्त हीट उत्पन्न करने की क्षमता को कम करता है।

3.मिथ: सर्दियों की धूप फायदेमंद

अक्सर लोग सर्दियों की पूरी दोपहर धूप में बिताना पसंद करते हैं। धूप से शरीर को विटामिन डी तो मिलता है लेकिन धूप के कुछ नुकसान भी होते हैं। ये मिथ ही है कि सर्दियों की धूप कोई नुकसान नहीं पहुंचाती। सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणें सर्दियों में भी आपकी त्वचा को उतना ही नुकसान पहुंचा सकती है जितना कि गर्मियों में। इसलिए धूप में बैठने से पहले सनस्क्रीन लगाना सर्दियों में भी जरूरी है।

4.मिथ: सर्दियों में वर्कआउट नहीं करना चाहिए

लगभग हर कोई सर्दी के मौसम में वर्कआउट कर सकता है जब तक कि अस्थमा या किसी बीमारी से पीड़ित न हो। रनिंग के लिए जाना या ठंड के मौसम में बाहर वर्कआउट करना वास्तव में पूरी तरह सुरक्षित है। आप बस सर्दी के खराब मौसम के प्रति सावधानी बरतें।

5.मिथ: सर्दियों में अधिक डैंड्रफ और बालों का झड़ना

सर्दियों में डैंड्रफ अधिक होता है और सर्दियां खत्म होने पर ये अपने आप खत्म हो जाता है। दरअसल, ये बात एक मिथ से ज्यादा कुछ नहीं। असल में डैंड्रफ होने की संभावना सर्दी और गर्मी में बराबर ही रहती है। अगर आप डैंड्रफ पर नियंत्रण स्थापित नहीं करते तो मौसम कोई भी हो ये समस्या बढ़ती जाती है। इसलिए, डैंड्रफ दूर करने के उपाय अपनाए, सर्दी जाने का इंतजार न करें। सर्दी का मौसम असल में आपके शरीर से बालों को जोड़कर रखने में मदद करता है। लोगों का मानना यह है के सर्दियों में बाल ज्यादा झड़ते है, हालांकि ड्राई स्कैल्प की वजह से बाल झड़ सकते हैं। ऐसे में अपनी स्कैल्प में तेल से नियमित रूप से मसाज करें।